छत्तीसगढ़: रायपुर रेंज में अपराध समीक्षा बैठक, IG ने दिए NDPS, साइबर और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
छत्तीसगढ़: रायपुर रेंज में अपराध समीक्षा बैठक, IG ने दिए NDPS, साइबर और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
रायपुर, 26 जुलाई 2025 रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा ने 26 जुलाई को रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों के पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में संबंधित जिलों के एसपी, एएसपी और अन्य राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान रेंज स्तर पर चल रहे लंबित अपराध निपटान अभियान की समीक्षा की गई। वर्ष 2023 के पूर्व के करीब 2100 लंबित प्रकरणों में से बीते 6 माह में लगभग 1850 मामलों का निराकरण किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों की सराहना की गई। शेष मामलों के शीघ्र निपटारे और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए कोर्ट व मेडिकल विभाग से बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
NDPS और संगठित अपराधों पर सख्ती
NDPS एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्वयं सर्च ऑपरेशन लीड करने, धारा 21, 25, 27 का प्रभावी उपयोग बढ़ाने और धारा 107 BNS के तहत संपत्ति कुर्की की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और एंड टू एंड जांच के माध्यम से अंतर्राज्यीय गिरोह, कूरियर कंपनियां और प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों पर PIT NDPS के तहत सख्त कार्यवाही करने के भी आदेश दिए गए।
साइबर और आर्थिक अपराधों पर जोर
साइबर अपराधों की त्वरित जांच के लिए तकनीकी दक्ष अधिकारियों की टीम थाना स्तर पर तैयार करने, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने तथा मोबाइल नंबर, IMEI और बैंक खातों को ट्रेस और ब्लॉक करने जैसे कदमों पर विशेष जोर दिया गया।
अवैध गतिविधियों और फरार आरोपियों पर नकेल
अवैध शराब, गौ तस्करी, चिटफंड घोटाले व फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पोर्टल्स और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। थानों में जब्त वाहनों की नीलामी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाने की बात कही गई।
कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर निर्देश
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रिडिक्टिव और प्रिवेंटिव पुलिसिंग अपनाने, गुंडा-बदमाशों की सूची अपडेट करने, NSA और जिला बदर जैसी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था, CCTV कैमरे और लगातार पेट्रोलिंग की बात कही गई।
सड़क सुरक्षा पर भी खास फोकस
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और सभी शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के निर्देश भी शामिल थे।
यह समीक्षा बैठक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहित केंद्रित बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में सामने आई है।
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