छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक : कई अहम फैसलों पर लगी मुहर, जानिए किसे क्या मिला लाभ
छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक : कई अहम फैसलों पर लगी मुहर, जानिए किसे क्या मिला लाभ
रायपुर। राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थियों के हित, सौर ऊर्जा को बढ़ावा, वन्यजीव संरक्षण, स्वसहायता समूहों के उत्पादों के ब्रांडिंग से लेकर अनुकंपा नियुक्ति और खनिज अन्वेषण जैसे विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को बड़ी राहत
तकनीकी कारणों से अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में शामिल नहीं हो पाने वाली कुछ जातियों के विद्यार्थियों को अब समतुल्य छात्रवृत्ति व छात्रावास की सुविधा दी जाएगी। डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव, पबिया-पविया-पवीया समाज को अनुसूचित जनजाति के समकक्ष और डोमरा समाज को अनुसूचित जाति के समकक्ष राज्य निधि से छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति और छात्रावास-आश्रमों में प्रवेश मिलेगा।
‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ में राज्य अनुदान
सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना पर अब राज्य सरकार अतिरिक्त अनुदान देगी। 1 किलोवाट संयंत्र पर कुल ₹45,000 (₹30,000 केंद्र और ₹15,000 राज्य) तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक के संयंत्र पर ₹1,08,000 तक की सहायता दी जाएगी। 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 संयंत्र लगाने का लक्ष्य है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ का गठन
राज्य में बाघों की घटती आबादी को बचाने और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ गठित की जाएगी। यह स्व-वित्तपोषित संस्था वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा, ईको-टूरिज्म और अनुसंधान को बढ़ावा देगी।
रामकृष्ण मिशन की सहयोगी संस्था का विलय
नारायणपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम की सहयोगी संस्था ‘विश्वास’ का आश्रम में विलय किया गया।
बेमेतरा में बनेगा उद्यानिकी महाविद्यालय
साजा तहसील के बेलगांव में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना हेतु 100 एकड़ भूमि निशुल्क उद्यानिकी विभाग को प्रदान की जाएगी।
‘JashPure’ ब्रांड का विस्तार
जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पादों के ‘JashPure’ ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे महिला समूहों को रोजगार और विपणन में बढ़ावा मिलेगा।
अनुकंपा नियुक्ति में संशोधन
नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब किसी भी विभाग व जिले में अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले यह व्यवस्था केवल उसी विभाग तक सीमित थी, जहां दिवंगत कार्यरत था।
खनिज अन्वेषण के लिए ‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’
गौण खनिजों के अन्वेषण और अधोसंरचना विकास हेतु ‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET)’ का गठन होगा। खनिज रॉयल्टी की 2% राशि ट्रस्ट फंड में जमा होगी, जिससे उच्च तकनीक, लॉजिस्टिक्स और मानव संसाधन उन्नयन के कार्य किए जाएंगे।
मायने
बैठक में लिए गए निर्णय राज्य की सामाजिक, पर्यावरणीय, आर्थिक और ऊर्जा नीति को मजबूती प्रदान करेंगे। साथ ही ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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