खाट चौपाल में सुनी दिल की बात: सक्ती के करिगांव में मुख्यमंत्री ने बिना तामझाम सुनी जनता की समस्याएं
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत सक्ती जिले के करिगांव गांव में उस वक्त चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री अचानक गांव के पीपल पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाने पहुंचे। बिना किसी तामझाम, बिना मंच-माइक के सीधे ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने न सिर्फ योजनाओं की हकीकत जानी, बल्कि शिकायतें और सुझाव भी खुले मन से सुने।
ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने महतारी वंदन, पीएम आवास, कृषक उन्नति, पीडीएस और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। साथ ही बताया कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब 5 लाख तक की मदद आयुष्मान कार्ड से मिल रही है।
चौपाल में एक ओर जहां ग्रामीणों ने मंदिर सौंदर्यीकरण की मांग रखी, वहीं दूसरी ओर पटवारी की अनुपस्थिति की शिकायत भी की। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में त्वरित फैसले लेते हुए नोनी मैया दाई मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की और पटवारी को हफ्ते में एक दिन गांव में बैठने का निर्देश दिया। इसके अलावा, नया पंचायत भवन निर्माण की भी घोषणा की गई।
स्कूल और आंगनबाड़ी की स्थिति पर भी उन्होंने खुद जानकारी ली और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए उन्होंने किसानों को कम पानी में उगने वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी।
तालाब के किनारे की जमीन को लेकर आई शिकायत पर उन्होंने मौके पर ही कलेक्टर को नापजोख कर समाधान करने का आदेश दिया। ग्रामीणों ने इस दौरान कई आवेदन भी सौंपे।
मुख्यमंत्री के साथ राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री को इस तरह सादगी और संवेदनशीलता के साथ गांव में देख ग्रामीणों का चेहरा खिल उठा। चौपाल में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात का प्रमाण थी कि गांव ने शासन को नजदीक से महसूस किया।
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