मुख्यमंत्री और गृह मंत्री आमने-सामने, नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ा सवाल – कौन सच बोल रहा है?
छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेशन को लेकर प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के बयान एक-दूसरे के उलट सामने आ रहे हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार के भीतर चल रही गुटबाजी करार दिया है और जनता से सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते दिनों ऑपरेशन संकल्प की सफलता की जानकारी देते हुए दावा किया था कि 22 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। उन्होंने इसे सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी बताया और जवानों को बधाई दी थी। मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
लेकिन इससे ठीक उलट बयान गृह मंत्री विजय शर्मा का आया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसा कोई 'संकल्प' नामक ऑपरेशन नहीं चल रहा और 22 नक्सलियों के मारे जाने की खबर भ्रामक है। इसके बाद सवाल उठ खड़े हुए हैं कि आखिर सही जानकारी किसके पास है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस विरोधाभास पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार के अंदर आपसी तालमेल की भारी कमी है। बैज ने पूछा कि अगर 22 नक्सली नहीं मारे गए, तो फिर वे शव किसके हैं? क्या आम नागरिक हताहत हुए हैं? या जवानों की शहादत को छिपाया जा रहा है?
दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री खुद पहले यह कह चुके हैं कि फोर्स ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 300 से अधिक नक्सलियों को घेर रखा है और ऑपरेशन चल रहा है। फिर अब वो ऑपरेशन के ही अस्तित्व से इनकार क्यों कर रहे हैं?
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी वास्तविक जानकारी जनता के सामने रखी जाए। पार्टी का कहना है कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व का विरोधाभासी व्यवहार सुरक्षा बलों के मनोबल को कमजोर करता है और प्रदेश की जनता को भ्रमित करता है।
कांग्रेस का दावा है कि नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मसले पर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की बयानबाजी सिर्फ राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई है, न कि जनता और जवानों के हित में कोई जिम्मेदार रुख।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0