पाकिस्तान की सत्ता में बड़ा फेरबदल? बिलावल को पीएम बनाने की उठी मांग, आर्मी चीफ मुनीर कर सकते हैं राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव
पाकिस्तान की सत्ता में बड़ा फेरबदल? बिलावल को पीएम बनाने की उठी मांग, आर्मी चीफ मुनीर कर सकते हैं राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर की सत्ता पर मजबूत होती पकड़ और भुट्टो-जरदारी परिवार की प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) में बिलावल भुट्टो जरदारी को प्रधानमंत्री बनाने की मांग तेज होती जा रही है। वहीं, मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिससे शरीफ परिवार में असंतोष और संभावित टूट की आशंका जताई जा रही है।
आर्मी चीफ मुनीर के इरादे मजबूत, व्यवस्था बदलने की तैयारी
पाकिस्तान के सबसे ताकतवर पद पर काबिज जनरल असीम मुनीर अब सत्ता संरचना में बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। खबर है कि मुनीर राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव के लिए कानून में संशोधन करा सकते हैं। इतिहास गवाह है कि इससे पहले पाकिस्तान में तीन सेना प्रमुख राष्ट्रपति बन चुके हैं, लेकिन तीनों ने तख्तापलट के बाद ही यह पद हासिल किया था।
फील्ड मार्शल बने असीम मुनीर, बढ़ा संवैधानिक प्रभाव
जनरल असीम मुनीर को हाल ही में पाकिस्तान के दुर्लभ और सबसे प्रभावशाली फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया है। पाकिस्तान के इतिहास में अब तक यह सम्मान केवल जनरल अयूब खान को मिला था। इस पद के साथ मुनीर को आजीवन विशेषाधिकार, सुरक्षा, रक्षा और संवैधानिक हस्तक्षेप का अधिकार मिल गया है। इससे वे अब पाकिस्तान की सियासत में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शरीफ परिवार में दरार के संकेत
शहबाज शरीफ जहां प्रधानमंत्री पद पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में लगे हैं, वहीं पार्टी और गठबंधन के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। शरीफ परिवार में फूट पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। दूसरी ओर, भुट्टो-जरदारी परिवार बिलावल को प्रधानमंत्री बनाने की मांग को लेकर पूरी ताकत झोंक रहा है।
क्या दोबारा सैन्य-राजनीतिक गठजोड़ का दौर लौटेगा?
सियासी जानकारों का कहना है कि अगर आर्मी चीफ मुनीर ने राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की कोशिश की और बिलावल भुट्टो जरदारी को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाया, तो पाकिस्तान में एक बार फिर सैन्य-राजनीतिक गठजोड़ का दौर शुरू हो सकता है। इससे क्षेत्रीय राजनीति और भारत-पाक संबंधों पर भी असर पड़ना तय है।
कुल मिलाकर पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां आर्मी चीफ मुनीर, शरीफ और भुट्टो-जरदारी परिवार के बीच सत्ता संघर्ष अगले कुछ हफ्तों में बड़ा राजनीतिक भूचाल ला सकता है।
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