भोंगापाल में शुरू हुआ बांस नौका विहार केंद्र, महिलाओं को मिली नई पहचान
कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में अब जल पर्यटन को नया आयाम मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को यहां बांस से बने नौका विहार केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महालक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह को कयाकिंग की पांच नावें भी सौंपीं। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और पर्यटन के जरिए गांव को आर्थिक मजबूती देना है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समूह की अध्यक्ष सुनीता नाग सहित अन्य महिलाओं से बातचीत की और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भोंगापाल का यह प्रयास पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेगा। साथ ही, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उन्होंने प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पीपल का पौधा भी रोपा।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक लता उसेंडी, नीलकंठ टेकाम और बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई समेत बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी और स्थानीय लोग मौजूद थे।
नवाचार और परंपरा का मेल
तमुर्रा नाला पर बांस से बनी नावों के जरिए पर्यटक अब प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। बांस से बनी इन नावों से न केवल पारंपरिक शिल्पकला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन को नया जीवन मिलेगा।
स्थानीय महिलाएं होंगी मार्गदर्शक
महालक्ष्मी महिला समूह की महिलाएं अब नाव संचालन और पर्यटकों को क्षेत्रीय संस्कृति की जानकारी देने का काम करेंगी। यह पहल महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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