अबूझमाड़ मुठभेड़: बसवराजु समेत 27 माओवादी ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
अबूझमाड़ मुठभेड़: बसवराजु समेत 27 माओवादी ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
स्थान: कुडमेल-कलहाजा-जाटलूर, अबूझमाड़ क्षेत्र, जिला नारायपुर
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों में स्थित कुडमेल-कलहाजा-जाटलूर क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा माओवादियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। 21 मई 2025 को हुई इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) को करारा झटका देते हुए उसके महासचिव नामबाला केशव राव उर्फ बसवराजु उर्फ बीआर दादा उर्फ गंगन्ना को ढेर कर दिया।
बसवराजु पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, और देश के कई अन्य राज्यों व केंद्रीय एजेंसियों द्वारा भी उस पर इनाम घोषित किया गया था।
बरामद हथियारों में लूटी गई एके-47 और रॉकेट लॉन्चर भी शामिल
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। इनमें शामिल हैं:
एके-47 राइफल: 3 नग
इंसास राइफल: 6 नग
एसएलआर: 4 नग
.303 राइफल: 6 नग
कार्बाइन: 1 नग
बीजीएल लॉन्चर: 1 नग
रॉकेट लॉन्चर (सुरका): 2 नग
12 बोर बंदूक: 2 नग
पिस्तौल: 1 नग
भरमार: 2 नग
अन्य गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बड़ी मात्रा में मिली।
इनमें से एक एके-47 राइफल वर्ष 2010 के ताड़मेटला हमले के दौरान माओवादियों द्वारा लूटी गई थी।
27 माओवादी ढेर, बसवराजु की पहचान की पुष्टि
इस भीषण मुठभेड़ में कुल 27 माओवादी मारे गए, जिनमें से कई पर भारी इनाम घोषित था। मारे गए माओवादियों में:
1 महासचिव / पोलित ब्यूरो सदस्य (PBM)
1 डीकेएसजेडसीएम (DKSZCM)
4 CYPCM
3 PPCM
PLGA कंपनी नंबर 7 के 18 सक्रिय सदस्य
सिर्फ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनाम की राशि ₹3.33 करोड़ थी।
परिजनों को सौंपे गए शव, बसवराजु का अंतिम संस्कार प्रशासन द्वारा
मुठभेड़ में मारे गए 27 में से 20 माओवादियों के शव उनके परिजनों को दावों की पुष्टि के बाद सौंपे गए। शेष 7 शवों – जिनमें बसवराजु का शव भी शामिल था – का विधिसम्मत अंतिम संस्कार कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश पर नारायणपुर में ही किया गया।
माओवादियों की कबूलनामा प्रेस विज्ञप्ति, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
मुठभेड़ के बाद सीपीआई (माओवादी) ने एक प्रेस नोट जारी कर 28 कैडरों की मौत की पुष्टि की है, जिसमें उनके महासचिव बसवराजु का भी नाम है। इस प्रेस नोट में समर्थकों से देशभर में रैलियाँ और सभाएँ आयोजित करने का आह्वान किया गया है। खुफिया एजेंसियां माओवादियों के ओवरग्राउंड नेटवर्क पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
बसवराजु – दो पीढ़ियों की बर्बादी का जिम्मेदार
बसवराजु, जो नवंबर 2018 से सीपीआई (माओवादी) का महासचिव था, हजारों निर्दोष आदिवासियों की मौत, बच्चों की जबरन भर्ती और जनजातीय इलाकों में दशकों से जारी अशांति के लिए जिम्मेदार था। वह केंद्रीय सैन्य समिति का पूर्व प्रमुख भी रह चुका था। अब तक उसकी संलिप्तता वाले 258 से अधिक मामलों की जांच की जा चुकी है।
समाप्ति की ओर माओवादी हिंसा?
अबूझमाड़ मुठभेड़ को माओवादी हिंसा पर सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन की रीढ़ टूट गई है। सुरक्षाबल आगे की रणनीतियों के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं और शांति बहाल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।
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