पाकिस्तान के 40 जवान-अफसर मारे गए आपरेशन सिंदूर आतंकियों कुनबा तहस नहस..
उनकी हर लोकेशन और मूवमेंट से वाकिफ थे
एयरमार्शल भारती ने बताया, हमारी लड़ाई पाकिस्तानी मिलिट्री या किसी और से नहीं है। हमारी लड़ाई आतंकवादियों से है, जिन्हें हमने निशाना बनाया। लेकिन उन्होंने ड्रोन, यूएवी से हमला किया। हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। हम यह करने की क्षमता रखते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ था
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर साफ तौर पर आतंकवाद के साजिशककर्ताओं और उनके ठिकानों को तबाह करने के लिए किया गया था। हमने सीमा पार टेरर कैंप और इमारतों को पहचाना। यह बहुत बड़ी समस्या में थे। इनमें से कई को पहले ही खाली कर दिया था, क्योंकि उन्हें हमारे एक्शन का डर था। हमने इस ऑपरेशन में सिर्फ आतंकवादियों को टारगेट किया। सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया। इस दौरान आतंकी के नौ कैंप तबाह किए गए। हमने 100 आतंकियों की खत्म किया, इसमें तीन बड़े आतंकी भी शामिल हैं, मुद्स्सर खास, हाफिज जमिल और रऊफ अजहर है। कुछ पीओके में थे और कुछ पाकिस्तान में थे। मुरीदके लश्कर का हेडक्वार्टर था। अजमल कसाब, डेविड हेडली ने यहीं ट्रेनिंग ली थी।उन्होंने कहा, “हमने लौहार में रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों के निशाना बनाने की कोशिश की थी। पाकिस्तान ने कई ड्रोन भेजे जिन्हें मार गिराया गया।”
डीडीएमओ ने कहा
– आप सबको पता है कि पहलगाम अटैक में किस क्रूरता से 26 लोगों को मारा गया था। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर साफ तौर पर आतंकवाद के साजिशककर्ताओं और उनके ठिकानों को तबाह करने के लिए किया गया था। हमने सीमा पार टेरर कैंप और इमारतों को पहचाना। यह बहुत बड़ी समस्या में थे। इनमें से कई को पहले ही खाली कर दिया था, क्योंकि उन्हें हमारे एक्शन का डर था।’
UNSC में भारत भेजेगा एक टीम
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता के नवीनतम सबूतों के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक टीम भेजेगा। अगले सप्ताह यूएनएससीआर 1267 प्रतिबंध समिति की बैठक होगी।
बौखला गया था पाकिस्तान
भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक सटीक और सुनियोजित सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारतीय सेना ने इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठनों, जैसे जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के ठिकानों को तबाह किया।
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