16 साल की नाबालिग को बेचा कसाई को, 24 दिन ऐसे बीते जैसे काले पानी की सजा - पीड़िता की आपबीती

16-year-old minor sold to butcher, 24 days passed like black water punishment - victim's story 16 साल की नाबालिग को बेचा कसाई को, 24 दिन ऐसे बीते जैसे काले पानी की सजा - पीड़िता की आपबीती
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16 साल की नाबालिग को बेचा कसाई को, 24 दिन ऐसे बीते जैसे काले पानी की सजा - पीड़िता की आपबीती

16 साल की नाबालिग को बेचा कसाई को, 24 दिन ऐसे बीते जैसे काले पानी की सजा - पीड़िता की आपबीती

रायपुर/छतरपुर रायपुर की एक 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुई मानव तस्करी और अमानवीय व्यवहार की दर्दनाक घटना सामने आई है। लड़की को बहला-फुसलाकर झांसी, फिर डोंगरगढ़ और आखिरकार मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक कसाई को बेच दिया गया। पीड़िता ने बताया कि इन 24 दिनों में उसकी जिंदगी 'काले पानी की सजा' जैसी हो गई थी।

ऐसे हुई शुरुआत: एक महिला ने झांसे में लिया

21 फरवरी की शाम लड़की अपने घरवालों से नाराज होकर रेलवे स्टेशन जा पहुंची। वहीं उसकी मुलाकात सुषमा पटेल नाम की एक महिला से हुई। सुषमा ने बातचीत के दौरान बताया कि वह निःसंतान है और उसे अपनी बेटी की तरह मानना चाहती है। भरोसा दिलाने के बाद वह उसे झांसी और फिर डोंगरगढ़ ले गई।

राजस्थान से छतरपुर तक की सौदेबाजी

डोंगरगढ़ में दो दिन रुकने के बाद, सुषमा अपने भाई के साथ उसे छतरपुर लेकर गई। वहां उसे बेचने की कोशिश की गई, लेकिन खरीदार नहीं मिला। फिर बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाया गया, लेकिन वहां भी कोई सौदा नहीं हो सका। अंततः वे वापस छतरपुर लौटे, जहां डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हुआ।

बबलू कसाई को एक लाख में बेचा गया

5 मार्च को छतरपुर के एक गांव में बबलू नामक कसाई के साथ सौदा हुआ और 8 मार्च को उसे एक लाख रुपये में खरीद लिया गया। बबलू के रिश्तेदार बाबूलाल अहिरवार (उम्र 30 वर्ष) उसे अपने घर ले गया और पत्नी की तरह रखने की कोशिश करने लगा। जब लड़की ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ जबरदस्ती की गई। घरेलू काम करवाना, मीलों दूर से पानी लाना—सब कुछ उसके जिम्मे डाल दिया गया।

भाई को बताया हाल, पुलिस ने किया रेस्क्यू

30 मार्च को किसी तरह लड़की ने अपने भाई को फोन कर पूरी कहानी बताई। भाई ने फौरन पुलिस से संपर्क किया। 1 अप्रैल को पुलिस ने लड़की को छुड़ाया और बाबूलाल अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर से हर साल गायब होती हैं 500 लड़कियां

यह घटना राजधानी रायपुर में मानव तस्करी के बढ़ते मामलों की गहराई को उजागर करती है। पुलिस द्वारा हाल ही में एक तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है, जिससे रायपुर से गायब लड़कियों का सुराग मिलने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, हर साल रायपुर से औसतन 500 लड़कियां लापता हो रही हैं, जिनमें से कई ऐसे ही रैकेट का शिकार बनती हैं।

यह घटना न सिर्फ हमारी सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह चेतावनी भी देती है कि हमें अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा। मानव तस्करी जैसे अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।

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