"धर्म के नाम पर धन की हवस: श्री रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की रिश्वत का खुलासा"
धर्म की आड़ में घिनौना घोटाला: श्री रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में घूसकांड से उठे गंभीर सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की धार्मिक और शैक्षणिक दुनिया में बड़ा भूचाल तब आया जब श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में नेशनल मेडिकल काउंसलिंग (NMC) टीम को घूस देने के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने NMC अधिकारियों को रिश्वत देकर कॉलेज की खामियों पर पर्दा डालने और एमबीबीएस सीटें बढ़वाने की कोशिश की।
जांच में सामने आया है कि कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इसी को छुपाने के लिए रिश्वत की पेशकश की गई। सीबीआई की टीम ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम देते हुए रिश्वत लेते हुए अधिकारियों और कॉलेज के लोगों को रंगेहाथ दबोचा।
रावतपुरा यूनिवर्सिटी भी शक के घेरे में
सूत्रों की मानें तो रावतपुरा यूनिवर्सिटी में भी कई तरह के शैक्षणिक और वित्तीय घोटालों की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। यूनिवर्सिटी में तमाम डिग्रियों की पढ़ाई करवाई जाती है, लेकिन उनकी गुणवत्ता और वैधता को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं। इस घूसकांड ने रावतपुरा यूनिवर्सिटी को भी संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।
धर्म के नाम पर लालच का कारोबार?
बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या धर्म की आड़ में कुछ तथाकथित संत और बाबा केवल धन और ऐशोआराम के लिए इस तरह के साम्राज्य खड़े कर रहे हैं? सनातन धर्म में जहां बाबा समाज और धर्म रक्षा के लिए समर्पित माने जाते हैं, वहीं श्री रावतपुरा सरकार के इस घोटाले ने सनातनी समाज का विश्वास गहरा आघात पहुंचाया है।
जिस तरह से एमबीबीएस सीटों की अवैध बिक्री डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये में की जा रही थी, वह भी एनआरआई कोटे में सीटें पहले ही बेच देने की खबरें सामने आई हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि शिक्षा और धर्म को सिर्फ पैसे कमाने का जरिया बना लिया गया है।
स्कूल-कॉलेजों में भी भारी गड़बड़झाला
श्री रावतपुरा सरकार के नाम से संचालित स्कूल-कॉलेजों में भी भारी फीस वसूली का आरोप है। इन स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न के नाम पर प्रवेश दिलाया जाता है, जबकि हकीकत में सीजी बोर्ड की पढ़ाई कराई जा रही है। इसका भी खुलासा यदि गहराई से जांच हो तो कई बड़े फर्जीवाड़े उजागर हो सकते हैं।
क्या बाबा गरीबों के लिए कुछ करेंगे?
प्रदेश की जनता के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या श्री रावतपुरा सरकार भविष्य में नया रायपुर के साईं हॉस्पिटल की तर्ज पर गरीब बच्चों के इलाज और ऑपरेशन की फ्री सुविधा देंगे? यदि ऐसा हुआ तो बाबा के प्रति जनता की आस्था और सम्मान फिर लौट सकता है, वरना फिलहाल पूरे प्रकरण ने छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे सनातन समाज को पीड़ा दी है।
अंत में…
इस घोटाले ने एक बार फिर यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि धर्म की आड़ में पनप रही काली कमाई और लालच की राजनीति को किस तरह रोका जाए। सनातन धर्म और धार्मिक संस्थाओं की साख बचाने के लिए ऐसे बाबाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग अब आमजन से उठने लगी है।
सीबीआई की जांच जारी है, आने वाले दिनों में श्री रावतपुरा सरकार के ट्रस्ट और इससे जुड़े तमाम लोगों पर क्या कार्रवाई होगी — यह देखने लायक होगा।
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
1
Sad
0
Wow
0