"रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी गोली, कश्मीर में आतंकियों का नया निशाना बना परिवार"

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"रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी गोली, कश्मीर में आतंकियों का नया निशाना बना परिवार"

रायपुर/श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जब रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक कारोबारी संदीप सिंह को आतंकवादियों ने उनके ही बच्चों और पत्नी के सामने गोली मार दी। यह हमला न केवल क्रूर था, बल्कि उस आतंक की एक झलक भी देता है जो अब फिर से घाटी में सिर उठा रहा है।

घटना उस वक्त हुई जब संदीप सिंह अपने परिवार—पत्नी, बेटे और बेटी के साथ कश्मीर की यात्रा पर निकले थे। परिवार छुट्टियों का लुत्फ़ उठा रहा था और पुलवामा के एक स्थान पर ठहरा हुआ था। अचानक, कुछ अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आतंकियों ने सीधे संदीप को निशाना बनाते हुए गोली मारी।

हमले में संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद उनका खून बहता रहा, और उनके मासूम बच्चे व पत्नी वहीं चीखते-चिल्लाते देखते रह गए। हमलावर इतने बेरहम थे कि गोली मारने के बाद भी कुछ समय तक गोलियां चलाते रहे। इससे पास खड़ी उनकी पत्नी और बच्चे भी बारूद के छींटों और उड़ते पत्थरों से घायल हो गए।

घटना का प्रभाव और राजनीतिक हलचल:

हमले की खबर फैलते ही रायपुर और श्रीनगर में सनसनी फैल गई। यह मामला केवल एक हत्या नहीं था, बल्कि यह साफ संकेत था कि कश्मीर में एक बार फिर बाहरी लोगों—खासकर व्यापार से जुड़े लोगों और पर्यटकों—को निशाना बनाया जा रहा है।

घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार को स्थानीय सुरक्षा बलों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया और पत्नी-बच्चों का इलाज शुरू किया गया।

इस अमानवीय हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मृतक की पत्नी, बेटा और बेटी ने मुलाकात की। बेहद भावुक माहौल में पत्नी ने कहा कि उन्होंने अपने पति को बच्चों के सामने मरते देखा, अब बस इंसाफ चाहिए। गृह मंत्री ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया और NIA समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियों को जांच के निर्देश दिए।

आतंकी मंशा और टारगेटिंग का पैटर्न:

सूत्रों की मानें तो इस हमले के पीछे आतंकी संगठनों की एक सुनियोजित साजिश है। इन संगठनों का मकसद घाटी में डर फैलाना और बाहरी निवेश या पर्यटन को रोकना है। बीते कुछ महीनों में आतंकियों ने गैर-कश्मीरियों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। इससे पहले भी ऐसे कई हमले हो चुके हैं, जिनमें मजदूर, व्यापारी और टूरिस्ट मारे गए या घायल हुए।

स्थानीय प्रशासन और सेना का बयान:

पुलिस और सेना ने संयुक्त बयान में कहा है कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। साथ ही उन इलाकों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है जहां बाहरी पर्यटक और व्यापारी ठहरते हैं।

परिवार की हालत और अपील:

संदीप की पत्नी और बच्चे अब रायपुर लौट चुके हैं। उनका परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। बेटी की आंखों में आंसू और बेटे की चुप्पी हर किसी का दिल दहला रही है। संदीप की पत्नी ने कहा, "हम बस छुट्टियां मनाने गए थे... हमें क्या पता था कि बच्चों के सामने पति को मार दिया जाएगा। हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई। अब सिर्फ इंसाफ चाहिए।"

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