दुर्ग में दो और बांग्लादेशी युवतियाँ गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से छिपा रही थीं..
दुर्ग में दो और बांग्लादेशी युवतियाँ गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से छिपा रही थीं पहचान
दुर्ग/भिलाई। दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रही दो और बांग्लादेशी युवतियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को गुरुवार रात भिलाई के जयंती नगर क्षेत्र से संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था। जांच में सामने आया कि दोनों युवतियाँ एक बुजुर्ग महिला शशि उपाध्याय के मकान में किराए पर रह रही थीं और अपनी पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में निवास कर रही थीं।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली थी कि दोनों युवतियाँ देह व्यापार जैसे अवैध गतिविधियों में संलिप्त थीं। दस्तावेजों की गहन जांच में उनके पास मिले आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और बैंक खाता सभी फर्जी पाए गए। इतना ही नहीं, दोनों ने फर्जी विवाह भी किया था—एक का कथित पति पश्चिम बंगाल में रहता है जबकि दूसरी का पति भिलाई के पद्मनगर इलाके में निवास करता है।
पुलिस ने जब उनके मोबाइल की जांच की तो उसमें कई बांग्लादेशी नंबर मिले, जिससे यह पुष्टि हुई कि वे इमो और इंटरनेट कॉलिंग एप्स के जरिए लगातार बांग्लादेश से संपर्क में थीं।
पहले भी रही हैं संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त
पकड़ी गई युवतियों में से एक की पहचान खुशबू उर्फ रानी पासवान के रूप में हुई है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा स्थित दिनाजपुर जिले से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। वह पांच साल तक दिनाजपुर में रही और वहीं “खुशबू” नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया। बाद में वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल आ गई, जहाँ उसने जन्मतिथि बदलकर फिर से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। उसका कथित पति राजन, लक्ष्मीपुर, कुल्टी (पश्चिम बंगाल) का निवासी है। गिरफ्तारी से पहले उसने अपने मोबाइल का डाटा भी डिलीट कर दिया था।
जिले में अब तक पाँच बांग्लादेशी गिरफ्तार
इस कार्रवाई के साथ दुर्ग जिले में अब तक कुल पाँच बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
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