भूतों को एसबीआई बैंक ने 70 लाख रुपए का लोन दिया पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का जांच में जुटी पुलिस

SBI Bank gave loan of Rs 70 lakh to ghosts. Police are investigating the whole matter in Gorakhpur, Uttar Pradesh भूतों को एसबीआई बैंक ने 70 लाख रुपए का लोन दिया पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का जांच में जुटी पुलिस
 0
भूतों को एसबीआई बैंक ने 70 लाख रुपए का लोन दिया पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का जांच में जुटी पुलिस

गोरखपुर में एसबीआई बैंक द्वारा 13 मृतकों को 70 लाख का लोन: एक चौंकाने वाला घोटाला 

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की जंगल कौड़िया शाखा में एक हैरान कर देने वाला बैंकिंग घोटाला सामने आया है। यहां बैंक कर्मचारियों और एक कैंटीन कर्मचारी की मिलीभगत से 13 मृतकों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ₹70.20 लाख के लोन स्वीकृत किए गए और राशि निकाल ली गई।  

घोटाले की विस्तृत जानकारी

मुख्य आरोपी: 20 वर्षीय पंकज मणि त्रिपाठी, जो बैंक में कैंटीन बॉय के रूप में कार्यरत था, इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। उसने बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण और कैशियर अमरेंद्र कुमार सिंह के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की।  

लक्षित व्यक्ति: घोटाले में जिन 13 मृतकों के नाम पर लोन स्वीकृत किए गए, वे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी थे जिनके पेंशन खाते एसबीआई में थे। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों का भी दुरुपयोग किया गया। 

धोखाधड़ी का तरीका: फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मृतकों के नाम पर लोन स्वीकृत कराए गए और राशि को पंकज मणि त्रिपाठी के खाते में ट्रांसफर किया गया। इस प्रक्रिया में बैंक के आंतरिक नियंत्रणों की अनदेखी की गई। 

जांच और कार्रवाई

पुलिस कार्रवाई: पीपीगंज पुलिस ने इस मामले में बैंक प्रबंधक, कैशियर और कैंटीन बॉय के खिलाफ केस दर्ज किया। कैशियर अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि पंकज मणि त्रिपाठी ने कोर्ट में सरेंडर किया।  

बैंक की आंतरिक जांच: एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक सुरेश कुमार ने 78 पृष्ठों की जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी, जिसमें ₹71.20 लाख की गबन की पुष्टि की गई।  

व्यापक प्रभाव और चिंताएं

यह मामला न केवल बैंकिंग प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस प्रकार आंतरिक कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा सकती है। इस घटना ने आम जनता के बीच बैंकिंग प्रणाली पर विश्वास को भी चोट पहुंचाई है। 

आशय  और विचारणीय

गोरखपुर में एसबीआई शाखा में हुआ यह घोटाला बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं की कड़ी निगरानी और आंतरिक नियंत्रणों को मजबूत करना आवश्यक है। 

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0