पाकिस्तान में फिर सक्रिय हुआ जैश-ए-मोहम्मद: 15 शहरों में "सुभान अल्लाह कॉन्फ्रेंस", 3 हजार करोड़ की चंदा उगाही का लक्ष्य
पाकिस्तान में फिर सक्रिय हुआ जैश-ए-मोहम्मद: 15 शहरों में "सुभान अल्लाह कॉन्फ्रेंस", 3 हजार करोड़ की चंदा उगाही का लक्ष्य
इस्लामाबाद/नई दिल्ली।भारत के सख्त कार्रवाई और "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर किए गए हमले के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह आतंकी संगठन कमज़ोर पड़ गया है। लेकिन अब एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान में सिर उठा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जैश ने पाकिस्तान के 15 प्रमुख शहरों में "सुभान अल्लाह कॉन्फ्रेंस" नामक आयोजन शुरू कर दिए हैं, जिनके जरिए वह अपने नेटवर्क को पुनर्गठित करने और फंड इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा है।
30,000 आतंकियों और समर्थकों को फिर से सक्रिय करने का प्रयास
इन कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के निर्देश पर संगठन को फिर से मजबूत करना और 30,000 आतंकियों और समर्थकों को संगठित करना है। इन सम्मेलनों में युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर आतंक की राह पर लाने की कोशिश की जा रही है।
3,000 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जैश ने इस बार फंडिंग के लिए भी बड़ी योजना बनाई है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, संगठन ने चंदा उगाही अभियान शुरू किया है जिसका लक्ष्य है करीब 3,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करना। यह फंड पाकिस्तान और भारत समेत कई देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका फिर सवालों में
पाकिस्तान में ऐसे खुलेआम आतंकी सम्मेलनों और फंडरेज़िंग गतिविधियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन खुलेआम देश के प्रमुख शहरों में कार्यक्रम कर रहा है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। जैश की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों में। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को फिर से उठाने की तैयारी कर रहा है।
आशय और निष्कर्ष
जैश-ए-मोहम्मद जैसी आतंकी संस्थाओं का पाकिस्तान में फिर से सक्रिय होना न केवल दक्षिण एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में यह समय है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और देश पाकिस्तान पर ठोस कार्रवाई के लिए दबाव बनाएं, ताकि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जा सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0