बस्तर में माओवाद का अंत करीब? बीजापुर मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली सुधाकर मारा गया
बस्तर में माओवाद का अंत करीब? बीजापुर मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली सुधाकर मारा गया होने की आशंका
बीजापुर (छत्तीसगढ़), 5 जून 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों से नक्सलवाद की कमर टूटती नजर आ रही है। गुरुवार सुबह बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस दौरान केंद्रीय कमेटी के सदस्य और एक करोड़ के इनामी नक्सली सुधाकर उर्फ नर सिंहाचलम के मारे जाने की खबर सामने आ रही है।
हालांकि सुधाकर के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन घटनास्थल से मिली सूचनाएं इसकी ओर इशारा कर रही हैं। सुधाकर तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में वांछित था। उसकी गिनती नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व में होती थी।
हिड़मा ही अब बचा बड़ा चेहरा
सुधाकर से पहले 21 मई को हुई बड़ी मुठभेड़ में 1.5 करोड़ के इनामी नक्सली वसवा राजू मारा गया था। पिछले कुछ हफ्तों में शीर्ष नक्सली नेताओं के मारे जाने से नक्सलवाद की नींव हिल चुकी है। अब नक्सल संगठन में सिर्फ हिड़मा ही बड़ा नाम बचा है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
मुठभेड़ की तस्वीर
गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम—जिसमें डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा के जवान शामिल थे—ने बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। गुप्त सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया, जिसमें बताया गया था कि माओवादी संगठन के बड़े कैडर वहां मौजूद हैं।
सर्चिंग के दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया और मुठभेड़ कई घंटों तक चली। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
बड़ी मौजूदगी की सूचना
सूत्रों के अनुसार तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रेस इंचार्ज बंडी प्रकाश समेत कई बड़े नक्सली कमांडर इस क्षेत्र में मौजूद थे। बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव, डीआईजी कमलोचन कश्यप और एएसपी मयंक गुर्जर खुद इस ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, रायपुर से एडीजी नक्सल ऑप्स विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और सीआरपीएफ आईजी राकेश अग्रवाल हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
लगातार मिल रही बड़ी सफलताएं
21 मई 2025: मुठभेड़ में 27 नक्सली ढेर, जिनमें 1.5 करोड़ का इनामी वसवा राजू भी शामिल था।
14 मई 2025: कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की जानकारी पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी, जिसमें 31 नक्सली मारे गए थे।
24 दिन तक चला था ऑपरेशन, जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर के पहाड़ी क्षेत्रों में हुआ।
नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
लगातार मिल रही इन सफलताओं से यह साफ संकेत मिल रहा है कि बस्तर में लाल गलियारा अब अपने अंतिम दौर में है। जिस तेजी से इनामी नक्सली एक के बाद एक मारे जा रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब माओवाद की यह त्रासदी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगी।
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