गाजियाबाद: आंधी-तूफान ने ली एसीपी कार्यालय में तैनात दरोगा की जान, दो साल में ही गिरी छत से निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

Ghaziabad: Storm takes the life of a policeman posted in ACP office, questions raised on the quality of construction from the roof collapsed in two years गाजियाबाद: आंधी-तूफान ने ली एसीपी कार्यालय में तैनात दरोगा की जान, दो साल में ही गिरी छत से निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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गाजियाबाद: आंधी-तूफान ने ली एसीपी कार्यालय में तैनात दरोगा की जान, दो साल में ही गिरी छत से निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

गाजियाबाद: आंधी-तूफान ने ली एसीपी कार्यालय में तैनात दरोगा की जान, दो साल में ही गिरी छत से निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

गाजियाबाद, 25 मई 2025 शनिवार रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने गाजियाबाद शहर को झकझोर कर रख दिया। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आईं, लेकिन सबसे हृदयविदारक घटना अंकुर विहार स्थित एसीपी कार्यालय में घटित हुई, जहां भवन की छत गिरने से उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार मिश्रा की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना रात लगभग 11 बजे की है जब सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा, जो उस समय ड्यूटी के तहत कार्यालय में ही मौजूद थे, भवन की छत गिरने की चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरेंद्र मिश्रा मूल रूप से इटावा जनपद के निवासी थे और उनका परिवार वर्तमान में दिल्ली में निवास करता है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।

भ्रष्ट निर्माण की पोल खोलती घटना

इस हादसे ने सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह एसीपी कार्यालय मात्र दो साल पहले ही बनाया गया था। इतनी कम अवधि में छत का गिर जाना यह दर्शाता है कि निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और मानकों को ताक पर रख दिया गया। अब यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है।

पिछले सप्ताह भी हुई थीं जानलेवा घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब गाजियाबाद में मौसम की मार ने लोगों की जान ली हो। 21 मई को आए तूफान में हापुर चुंगी चौराहे पर पेड़ गिरने से बाइक सवार मुजम्मिल की मौत हो गई थी। वहीं, खोड़ा कॉलोनी में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से पानू देवी की मृत्यु हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की थी।

समाज के लिए संदेश: लापरवाही नहीं, ज़िम्मेदारी चाहिए

दरोगा वीरेंद्र मिश्रा की मौत एक चेतावनी है। यह केवल एक इमारत का गिरना नहीं, एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की जान जाना है — जो समाज की सेवा के लिए रात में ड्यूटी पर तैनात थे। यह घटना

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