छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में बड़ी कामयाबी: शीर्ष नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सली ढेर, DRG जवानों ने मनाया जश्न

Big success in Narayanpur, Chhattisgarh: 27 Naxals including top Naxal Basav Raju killed, DRG personnel celebrated छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में बड़ी कामयाबी: शीर्ष नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सली ढेर, DRG जवानों ने मनाया जश्न
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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में बड़ी कामयाबी: शीर्ष नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सली ढेर, DRG जवानों ने मनाया जश्न

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ | 22 मई 2025 छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों ने बुधवार को हुए एक मुठभेड़ में देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं में से एक बसव राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद सुरक्षा बलों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और जवानों ने जश्न मनाते हुए देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुठभेड़ की पूरी कहानी:

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ अबुझमाड़ के घने जंगलों में हुई, जो नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। खुफिया सूचना के आधार पर DRG की टीम ने ऑपरेशन शुरू किया था। जैसे ही जवानों की टीम जंगल के भीतर पहुंची, नक्सलियों ने भारी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पूरी रणनीति के साथ मोर्चा संभाला और लगभग 5 घंटे तक मुठभेड़ जारी रही।

मारे गए नक्सलियों में बसव राजू की पहचान:

सूत्रों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में बसव राजू उर्फ मादवी हिडमा, जो कि सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था, की पहचान की पुष्टि हुई है। बसव राजू को कई बड़ी नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था, जिनमें दंतेवाड़ा और बीजापुर में हुए सुरक्षाबलों पर हमले शामिल हैं।

बरामद हुए हथियार और सामग्री:

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हथियार, विस्फोटक, वायरलेस सेट, और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।

मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक ने दी बधाई:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस सफलता के लिए DRG के जवानों को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार नक्सलियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने भी ऑपरेशन में शामिल टीम के साहस की सराहना की और कहा कि यह माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है।

स्थानीय लोगों में बढ़ा भरोसा:

इस ऑपरेशन के बाद न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि स्थानीय आदिवासी समुदायों में भी भरोसा जगा है कि अब नक्सल आतंक के दिन लद चुके हैं।

यह ऑपरेशन न केवल एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की जड़ें अब कमजोर पड़ रही हैं। DRG के जवानों का साहस और समर्पण राज्य में शांति और विकास के मार्ग को और भी सशक्त करेगा।

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