Transport department strict on passenger यात्री सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, दुर्ग जिले में 24 बसों पर चालानी कार्रवाई, बस जब्ती व परमिट निलंबन की चेतावनी

Transport department strict on passenger
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Transport department strict on passenger  यात्री सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, दुर्ग जिले में 24 बसों पर चालानी कार्रवाई, बस जब्ती व परमिट निलंबन की चेतावनी

यात्री सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, दुर्ग जिले में 24 बसों पर चालानी कार्रवाई, बस जब्ती व परमिट निलंबन की चेतावनी

दुर्ग।सड़क एवं जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा जिले में यात्री बसों की सघन जांच अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में परिवहन उड़नदस्ता दुर्ग द्वारा विभिन्न मार्गों पर संचालित बसों की औचक जांच की गई, जिसमें 24 बसों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। इन बसों पर कुल ₹34,900 की चालानी कार्रवाई की गई है।

यह अभियान परिवहन सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश एवं अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देशानुसार जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिलाना और लापरवाह बस संचालकों पर सख्ती से कार्रवाई करना है।

सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी

जांच के दौरान उड़नदस्ता टीम ने बसों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता की गहन जांच की। इनमें अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) और फर्स्ट एड बॉक्स जैसे जरूरी प्रावधान शामिल थे। जांच में यह पाया गया कि कई बसों में ये उपकरण या तो मौजूद नहीं थे या फिर खराब हालत में थे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

परिवहन अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है। नियमों के अनुसार, हर यात्री बस में इन उपकरणों का होना अनिवार्य है ताकि दुर्घटना, आग या अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सके। लेकिन जांच में सामने आई लापरवाही ने विभाग को और सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।

कड़ी चेतावनी: अब नहीं चलेगी लापरवाही

उड़नदस्ता दुर्ग के प्रभारी सी.के. साहू ने सभी बस संचालकों को स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब सिर्फ समझाइश और चालान तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा,

“हम लगातार समझाइश दे रहे हैं और चालानी कार्रवाई भी कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद यदि भविष्य में किसी भी बस में यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित कोई भी कमी पाई गई, तो संबंधित बस को जब्त किया जाएगा और परमिट निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि बस संचालकों को चाहिए कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच करें और सभी सुरक्षा उपकरणों को सही स्थिति में रखें। किसी भी प्रकार की लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।

लगातार जारी रहेगा अभियान

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन या एक सप्ताह का नहीं है, बल्कि इसे नियमित और सतत रूप से चलाया जाएगा। जिले के विभिन्न मार्गों पर चलने वाली सभी यात्री बसों की समय-समय पर जांच की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि हर यात्री सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा कर सके।

अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन जाती हैं। इसलिए पहले ही चरण में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कर लेना बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा की जा रही यह सख्ती भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

यात्रियों से भी की गई अपील

परिवहन विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें। यदि किसी बस में अग्निशामक यंत्र, इमरजेंसी गेट या अन्य सुरक्षा प्रावधानों की कमी नजर आए, तो इसकी जानकारी तुरंत परिवहन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। यात्रियों की सतर्कता भी सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

मायने

दुर्ग जिले में चलाया जा रहा यह विशेष जांच अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि अब यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 24 बसों पर हुई कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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