छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई: DMF और CGPSC घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार

Major ED action in Chhattisgarh: Utkarsh Chandrakar and Satpal Singh Chhabra—directors associated with DMF and CGPSC—have been arrested.
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छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई: DMF और CGPSC घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई: DMF और CGPSC घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो चर्चित मामलों—डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड घोटाला और CGPSC भर्ती घोटाला—में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने इन मामलों में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेनदेन की जांच के दौरान उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 1 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर, भिलाई-दुर्ग, धमतरी और जशपुर समेत सात ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद हुई। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

CGPSC भर्ती घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर पर आरोप

ED के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर को CGPSC भर्ती परीक्षा 2020 और 2021 में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर पेपर लीक, बिचौलियों के जरिए लेनदेन और प्रभावशाली अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का खेल चला। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चहेते उम्मीदवारों के चयन के लिए अवैध तरीके से रकम ली गई।

ED की जांच में इस कथित नेटवर्क से 3 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) सामने आने का दावा किया गया है।

DMF फंड मामले में सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार

दूसरी ओर, सतपाल सिंह छाबड़ा को DMF फंड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है।

ED का आरोप है कि छाबड़ा सरकारी अधिकारियों और विभिन्न वेंडर्स के बीच मुख्य वित्तीय समन्वयक (Liaisoner) की भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी के अनुसार, बैंक खातों और कथित शेल कंपनियों के माध्यम से करीब 31 करोड़ रुपये के अवैध कमीशन का लेनदेन किया गया।

ED अब इस कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पैसों के लेनदेन की कड़ियों की भी जांच कर रही है।

दोनों आरोपियों को 5 दिन की ED रिमांड

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ED की मांग पर दोनों आरोपियों को 5 दिनों की ED कस्टडी में भेज दिया है।

रिमांड के दौरान ED कथित मनी ट्रेल, बैंक खातों, संपत्तियों, कंपनियों और अन्य संदिग्ध लेनदेन के संबंध में पूछताछ करेगी।

पूर्व CM के PA और अधिकारी के ठिकानों पर भी जांच

ED की कार्रवाई के दौरान कुछ अन्य चर्चित नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (PA) केके चंद्रवंशी/केके चंद्राकर और बलरामपुर के अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से जुड़े ठिकानों पर भी जांच और पूछताछ की है।

हालांकि, इन लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

आगे और बढ़ सकता है जांच का दायरा

DMF और CGPSC से जुड़े मामलों में ED की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी कथित मनी ट्रेल, बिचौलियों, अधिकारियों, वेंडर्स, कंपनियों और लाभार्थियों के बीच वित्तीय संबंधों की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से ED की पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की संभावना जताई जा रही है।

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