Raipur Transport Department tightens security रायपुर में बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त परिवहन विभाग, 78 बसों पर कार्रवाई, ₹1.23 लाख जुर्माना वसूला
रायपुर में बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त परिवहन विभाग, 78 बसों पर कार्रवाई, ₹1.23 लाख जुर्माना वसूला
रायपुर। छत्तीसगढ़ परिवहन मुख्यालय एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन उड़नदस्ता रायपुर द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित यात्री बसों की गहन जांच की गई। जांच का मुख्य उद्देश्य बसों में मौजूद अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति को परखना और यह सुनिश्चित करना था कि आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों की जान को किसी भी प्रकार का खतरा न हो।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने बसों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनकी वैधता, कार्यशीलता और रखरखाव की स्थिति की जांच की। इसके साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग, इमरजेंसी दरवाजे, खिड़कियों की व्यवस्था, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कई बसों में गंभीर लापरवाही सामने आई।कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं थे, जबकि कई में यंत्र तो लगे थे लेकिन उनकी एक्सपायरी खत्म हो चुकी थी या वे कार्यशील अवस्था में नहीं पाए गए। इसके अलावा, कई बसों में आपातकालीन निकास मार्ग बाधित थे, जिस पर अतिरिक्त सीटें या सामान रखे गए थे, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने में परेशानी हो सकती थी।
परिवहन उड़नदस्ता की इस सघन कार्रवाई में कुल 78 बसों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाली इन बसों से कुल ₹1,23,200 की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बस संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकना है।
परिवहन उड़नदस्ता प्रभारी केशव राजवाड़े ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आए दिन सड़क दुर्घटनाओं और बसों में आग लगने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है। ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए विभाग ने यह अभियान शुरू किया है।
उन्होंने कहा, “बसों में अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है, लेकिन केवल लगाना ही पर्याप्त नहीं है। समय-समय पर उनकी जांच और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है। आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला और बाधामुक्त होना चाहिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।”
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने बस स्वामियों और संचालकों को नियमों की जानकारी दी और उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की सख्त हिदायत दी। अधिकारियों ने बताया कि यदि आगे भी इस तरह की अनियमितताएं पाई गईं तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें परमिट निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
यात्रियों ने भी इस अभियान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कई बार वे बसों में यात्रा करते समय सुरक्षा को लेकर असहज महसूस करते हैं, लेकिन अब विभाग की सक्रियता से उन्हें राहत मिली है। लोगों का मानना है कि यदि इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की सघन जांच की जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश में चलने वाली प्रत्येक यात्री बस सभी सुरक्षा मानकों पर खरी उतरे और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव मिल सके।
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