Chhattisgarh gets its first national highway छत्तीसगढ़ को मिली पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग, 12 महीने में पूरी हुई निर्माण यात्रा — अब पहाड़ों के पार दौड़ेगी समृद्धि की राह
छत्तीसगढ़ को मिली पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग, 12 महीने में पूरी हुई निर्माण यात्रा — अब पहाड़ों के पार दौड़ेगी समृद्धि की राह
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा मिली है। राज्य को अपनी पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (लेफ्ट हैंड साइड) प्राप्त हुई है, जिसका निर्माण मात्र 12 महीनों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पूरा किया है। यह सुरंग राज्य के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा — “पहाड़ों के पार अब उम्मीदों की राह बनी!” उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और NHAI टीम को धन्यवाद दिया तथा इसे “समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़” के विजन का हिस्सा बताया।
पहाड़ों के पार अब विकास की सुरंग
इस सुरंग के निर्माण से छत्तीसगढ़ के पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। अब इन इलाकों में न केवल तेज और सुरक्षित यात्रा संभव होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। यह सुरंग मौसम के दौरान आने वाली बाधाओं को कम करेगी और वर्षभर निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना उन इलाकों के लिए “जीवन रेखा” साबित होगी, जहां अब तक सड़क विकास भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सीमित रहा है।
लंबे इंतजार के बाद आई बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ का सड़क नेटवर्क लंबे समय से विकास की राह में बाधा रहा है। घने जंगल, पहाड़ और आदिवासी क्षेत्रों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार चुनौतीपूर्ण था। 2000 में राज्य के गठन के बाद से लगातार सरकारें सड़क निर्माण पर काम करती रहीं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में केंद्र सरकार की पहल से गति आई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। सितंबर 2024 में राज्य को 11,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली, जिसमें चार प्रमुख राजमार्गों के DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शामिल थे। इसके बाद नवंबर 2024 में 20,000 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का ऐलान हुआ, जिनमें धमतरी-जगदलपुर और रायपुर-बलौदाबाजार जैसे फोरलेन प्रोजेक्ट प्रमुख हैं।
आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और नितिन गडकरी की मुलाकात में आदिवासी इलाकों की कनेक्टिविटी पर विशेष रूप से चर्चा हुई थी। सरकार का उद्देश्य है कि बेहतर सड़कों के जरिए इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए। यह पहल लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (नक्सल समस्या) के उन्मूलन की रणनीति से भी जुड़ी है।
इस सुरंग और नई परियोजनाओं से उन इलाकों में विकास और सुरक्षा, दोनों को नई ताकत मिलेगी, जो पहले अलग-थलग माने जाते थे।
‘अंजोर विजन 2047’ से जुड़ेगा नया रोडमैप
मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत एकीकृत परिवहन प्रणाली पर काम कर रही है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़कर एक मजबूत नेटवर्क बनाया जा रहा है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि छत्तीसगढ़ में राजमार्गों की गुणवत्ता को अमेरिकी स्तर तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में राज्य में 20 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 3,575 किलोमीटर है। नई परियोजनाओं के पूरा होने पर यह नेटवर्क और विस्तृत हो जाएगा।
आर्थिक विकास और रोजगार का नया अध्याय
नई सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं न केवल यात्रा को सुगम बनाएंगी, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार सृजन के नए अवसर भी पैदा करेंगी। इससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ देश के विकास मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा — “केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयास से छत्तीसगढ़ अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। यह सुरंग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उम्मीद और समृद्धि का प्रतीक है।”
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