Chhattisgarh Contractors Union achieves major छत्तीसगढ़ ठेकेदार यूनियन को बड़ी सफलता — सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, ठेकेदारों ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ ठेकेदार यूनियन को बड़ी सफलता — सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, ठेकेदारों ने जताया आभार
रायपुर, 30 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ के ठेकेदार संगठनों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर यूनियन को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। राज्य सरकार ने यूनियन की प्रमुख मांगों के संबंध में उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन कर दिया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद ठेकेदार संगठन ने सरकार और विशेष रूप से लोक निर्माण मंत्री (PWD Minister) अरुण साव एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि “सरकार ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना और ठोस कदम उठाया है। यह ठेकेदारों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय है।”
दो दौर की बैठक के बाद बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर यूनियन ने पिछले कुछ महीनों से लगातार सरकार के समक्ष जीएसटी (GST) और रॉयल्टी से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी। यूनियन के प्रतिनिधियों और पीडब्ल्यूडी मंत्री के बीच दो दौर की विस्तृत बैठकें हुईं, जिनमें ठेकेदारों की वास्तविक समस्याओं पर गहराई से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान यूनियन ने यह स्पष्ट किया कि बढ़ती लागत, जीएसटी की जटिल प्रक्रिया, और रॉयल्टी में असमानता के कारण राज्य के ठेकेदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सभी विभागों से प्रतिनिधित्व करने वाली एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा की है, जो ठेकेदारों की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजेगी।
सरकार ठेकेदारों के हित में काम कर रही है
यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह समिति केवल एक प्रतीकात्मक निर्णय नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की ठेकेदार हितैषी सोच को दर्शाता है।
अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा, “हमारी आवाज़ को सुना गया है। सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह विकास कार्यों के असली भागीदार यानी ठेकेदारों की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रदेशभर के कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। सभी जिलों से आए संदेशों में ठेकेदारों ने कहा है कि “राज्य सरकार ठेकेदारों के हित में अच्छा काम कर रही है और इस आदेश का हम पुरजोर समर्थन करते हैं।”
कमेटी से बड़ी राहत की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, गठित की गई समिति ठेकेदारों से जुड़े सभी प्रमुख विभागों जैसे पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHED), और नगरीय प्रशासन से संवाद स्थापित करेगी। समिति ठेकेदारों की समस्याओं, भुगतान की प्रक्रिया, जीएसटी कटौती, रॉयल्टी रिफंड और अन्य वित्तीय अड़चनों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह रिपोर्ट आने वाले दिनों में सरकार के निर्णयों की दिशा तय करेगी। ठेकेदार यूनियन को उम्मीद है कि समिति की सिफारिशों के बाद ठेकेदारों के वित्तीय बोझ में राहत मिलेगी और कार्यों की गति में भी तेजी आएगी।
लगातार संघर्ष का मिला फल
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर यूनियन ने पिछले कई महीनों से अपने मुद्दों को लेकर सरकार के सामने डटे रहने का काम किया। प्रतिनिधि मंडल लगातार मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराते रहे। अंततः मंत्री ने ठेकेदारों की समस्याओं को स्वीकार करते हुए समिति गठित करने का निर्णय लिया।
बीरेश शुक्ला ने कहा, “हम सब मिलकर आगे भी प्रयास करते रहेंगे। संघर्ष का यह परिणाम इस बात का संकेत है कि एकजुटता से हमेशा सफलता मिलती है।”
प्रदेशभर में जश्न का माहौल
सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में ठेकेदार संगठनों के बीच खुशी का माहौल है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों से यूनियन के सदस्य एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है — आने वाले समय में ठेकेदारों की बाकी समस्याओं को भी सरकार के समक्ष रखकर स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर यूनियन का यह संघर्ष अब रंग लाता दिख रहा है। सरकार द्वारा उच्च स्तरीय समिति का गठन ठेकेदारों की आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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