छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 66 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक करेंगे घर-घर सर्वे
छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 66 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक करेंगे घर-घर सर्वे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का मैदानी कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जानकारी जुटाएंगे। इस महत्वपूर्ण कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के लिए राज्यभर में लगभग 66 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
जनगणना के दूसरे चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का चार दिवसीय प्रशिक्षण 5 नवंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण 2 नवंबर से नवा रायपुर अटल नगर स्थित प्रशासन अकादमी में आयोजित किया गया था। अब प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा बैच 16 से 19 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
60 मास्टर ट्रेनर्स देंगे प्रशिक्षण
जनगणना के दूसरे चरण में मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को दक्ष बनाने के लिए जिलों द्वारा 1,120 फील्ड ट्रेनर्स नामित किए गए हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए कुल 60 मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं। इनमें जिलों से 47 और जनगणना कार्य निदेशालय से 13 मास्टर ट्रेनर्स शामिल हैं।
भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार राज्य में यह प्रशिक्षण मुख्य सचिव के मार्गदर्शन तथा गृह विभाग की प्रमुख सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी निहारिका बारिक और जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक कार्तिकेया गोयल के दिशा-निर्देशों में आयोजित किया जा रहा है।
16 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स हुए शामिल
प्रथम बैच के प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के 16 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स ने हिस्सा लिया। इनमें मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया, प्रश्नावली भरने, प्रगणना की तकनीकी बारीकियों, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, आंकड़ों के संकलन और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स को इस तरह तैयार किया गया, ताकि वे आगे जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को बेहतर प्रशिक्षण दे सकें।
राष्ट्रीय प्रशिक्षक अशोक मिश्र और प्रदीप कुमार साव, दोनों संयुक्त निदेशक, ने प्रथम बैच को प्रशिक्षण प्रदान किया।
16 नवंबर से शुरू होगा दूसरे बैच का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा बैच 16 से 19 नवंबर 2026 तक प्रशासन अकादमी, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी दोनों राष्ट्रीय प्रशिक्षक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे।
मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद फील्ड ट्रेनर्स प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इस बहुस्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था के जरिए प्रदेश के सभी जनगणना कर्मचारियों को मैदानी कार्य के लिए तैयार किया जाएगा।
मई 2026 में पूरा हो चुका है पहला चरण
गौरतलब है कि भारत की जनगणना-2027 के पहले चरण यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ में 1 मई से 30 मई 2026 तक सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में परिवारों और प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना का पूरा कार्य निर्धारित समय-सीमा में सटीक और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इसके लिए प्रशिक्षण के सभी स्तरों पर तकनीकी दक्षता, आंकड़ों की शुद्धता, समयबद्धता और जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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