Bulldozers run on illegal Aqsa Mosque in Chilfi, चिल्फी में अवैध अकसा मस्जिद पर चला बुलडोजर, 2019 के कांग्रेसकाल में मिली थी अनुमति
चिल्फी में अवैध अकसा मस्जिद पर चला बुलडोजर, 2019 के कांग्रेसकाल में मिली थी अनुमति
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चिल्फी क्षेत्र में स्थित अवैध अकसा मस्जिद पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत, पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से की गई। उल्लेखनीय है कि चिल्फी क्षेत्र को उसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण “मिनी कश्मीर” भी कहा जाता है और यह प्रदेश के कई जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस मस्जिद से संबंधित एक प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि, समय के साथ स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों द्वारा इसे लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जाती रहीं। हाल ही में ग्रामीणों ने इस विषय को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई शुरू की।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
शिकायत प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से जांच की। जांच में यह सामने आया कि संबंधित निर्माण वैधानिक नियमों के अनुरूप नहीं था और इसे अवैध श्रेणी में रखा गया। इसके बाद एसडीएम की अगुवाई में पुलिस बल की उपस्थिति में अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और किसी समुदाय के साथ कोई टकराव नहीं हुआ।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर चिंता
चिल्फी क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य इलाका है और कबीरधाम जिले के साथ-साथ प्रदेश की सीमाओं को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग भी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्र होने के कारण यहां समय-समय पर अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाती रही है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे अवैध निर्माण भविष्य में असामाजिक और अवैध गतिविधियों का केंद्र बन सकते थे, जिससे क्षेत्र की शांति और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता।
बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना की मांग
चिल्फी घाटी, जो प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति के लिए जानी जाती है, वहां लंबे समय से आदिवासी समाज के आराध्य भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा स्थापना की मांग की जा रही थी। स्थानीय आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और आदिवासी समाज के सम्मान को नई पहचान मिलेगी।
भाजपा नेता का बयान
भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष प्रकाश धारवैया ने इस कार्रवाई को लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाया है। उन्होंने कहा कि अब उसी स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा की स्थापना जल्द की जाएगी, जिससे आदिवासी समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि चिल्फी जैसे शांत, पर्यटन और आदिवासी बहुल क्षेत्र में कानून के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह का तनाव नहीं हुआ और प्रशासन ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कदम उठाया।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों पर निगरानी आगे भी जारी रहेगी, ताकि चिल्फी की शांति, पर्यटन महत्व और सामाजिक सौहार्द बरकरार रह सके।
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