सौर ऊर्जा से रोशन हुआ मनोज का घर, बिजली बिल हुआ शून्य
सौर ऊर्जा से रोशन हुआ मनोज का घर, बिजली बिल हुआ शून्य
3 किलोवाट रूफटॉप सोलर से हर महीने करीब 1,300 रुपये की बचत, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेज रहे मनोज
रायपुर, 29 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुड़वाई निवासी मनोज कुमार कश्यप ने अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़ लिया है। करीब तीन महीने पहले घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाने के बाद उनके परिवार के बिजली खर्च में बड़ी कमी आई है। मनोज के मुताबिक अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
मनोज कुमार कश्यप बताते हैं कि सोलर पैनल लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल करीब 1,300 रुपये प्रतिमाह आता था। यह राशि हर महीने घरेलू बजट का हिस्सा होती थी। लेकिन रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने के बाद घर की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होने लगा है। इसके चलते अब उन्हें बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ रहा है।
जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में भेज रहे
मनोज के घर में लगा 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम केवल घरेलू बिजली जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है। जब सोलर पैनल से घर की खपत से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है। मनोज के अनुसार इसी वजह से उनके बिजली खाते में माइनस बिल की स्थिति भी बनी है।
उनका कहना है कि पहले जहां हर महीने बिजली बिल भरने की चिंता रहती थी, वहीं अब घर की छत से ही बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिलने के साथ बिजली उत्पादन में भी योगदान हो रहा है।
बैंक से लिया ऋण, सब्सिडी से मिली राहत
मनोज कुमार ने बताया कि सोलर प्लांट लगवाने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लिया था। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि भी उन्हें प्राप्त हो चुकी है। सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम लगाने में आने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना और घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च में राहत देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
बिजली बिल में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल
मनोज के लिए सोलर प्लांट केवल बिजली का खर्च कम करने का जरिया नहीं है। उनके घर की छत पर लगा संयंत्र नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का भी माध्यम बन गया है। सौर ऊर्जा से बिजली पैदा होने के कारण पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हुई है।
मनोज कहते हैं कि सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके परिवार को हर महीने होने वाले बिजली खर्च से राहत मिली है। साथ ही, घर की जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में भेजे जाने से उन्हें यह भी महसूस हो रहा है कि उनके घर की छत अब बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है।
एक परिवार के अनुभव में योजना का असर
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य देशभर में बड़े पैमाने पर घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर स्थापित करना है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये के प्रावधान और एक करोड़ आवासीय परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
ग्राम कुड़वाई के मनोज कुमार कश्यप का अनुभव इस योजना के स्थानीय प्रभाव का एक उदाहरण है। करीब तीन महीने पहले तक जहां उनके परिवार को हर महीने लगभग 1,300 रुपये बिजली बिल के रूप में खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब सौर ऊर्जा से बिजली की जरूरत पूरी होने के साथ उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
छत्तीसगढ़ में भी रूफटॉप सोलर को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में भी केंद्र की योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। रूफटॉप सोलर के जरिए परिवार अपनी बिजली जरूरतों के लिए घर की छत का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकते हैं।
मनोज कुमार कश्यप का अनुभव बताता है कि सौर ऊर्जा को अपनाने से घरेलू बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ परिवार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल से भी जुड़ सकता है।
मनोज के घर की छत पर लगे सोलर पैनल अब उनके परिवार के लिए बिजली बचत और ऊर्जा उत्पादन, दोनों का जरिया बन गए हैं।
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