दंतेवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, व्यापारी से मारपीट और होटल का 10 माह का किराया न देने का मामला गरमाया
दंतेवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, व्यापारी से मारपीट और होटल का10 माह का किराया न देने का मामला गरमाया
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बने दो साल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार सुशासन, पारदर्शिता और कानून के राज की बात करते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ घटनाएं सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसा ही एक मामला अब दंतेवाड़ा जिले से सामने आया है, जहां भाजपा के जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता पर एक स्थानीय व्यापारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला गीदम क्षेत्र का है। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि संतोष गुप्ता ने उनका होटल और रेस्टोरेंट बिना किसी लिखित एग्रीमेंट के किराए पर लिया। इतना ही नहीं, बीते 10 महीनों से उन्होंने किराया तक नहीं चुकाया। जब व्यापारी ने बार-बार अपना बकाया किराया मांगा तो उसे कथित रूप से धमकाया गया, गाली-गलौज की गई और मारपीट तक की गई।
किराया मांगने पर मारपीट का आरोप
व्यापारी का कहना है कि वह जब अपने बकाया किराए की मांग करने संतोष गुप्ता के घर पहुंचा, तो वहां उसके साथ बदसलूकी की गई। आरोप है कि भाजपा जिला अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने न सिर्फ उसे अपमानित किया, बल्कि मारपीट भी की। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उसे सत्ता की धौंस दिखाकर चुप कराने की कोशिश की गई।
थक-हारकर व्यापारी ने गीदम थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामला जैसे ही मीडिया में आया, वैसे ही जिले की राजनीति में हलचल मच गई। अब यह प्रकरण पूरे दंतेवाड़ा में चर्चा का विषय बन चुका है।
सुशासन के दावों पर उठे सवाल
इस घटना ने राज्य सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जहां एक ओर कानून व्यवस्था और आम जनता के हितों की बात करते हैं, वहीं पार्टी के जिम्मेदार पदों पर बैठे नेता यदि इस तरह का व्यवहार करेंगे तो आम नागरिक न्याय के लिए कहां जाएगा—यह बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक जिला अध्यक्ष पर इस तरह के आरोप लग रहे हैं और वह खुलेआम सत्ता की धौंस दिखा रहा है, तो आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस करेगी।
कांग्रेस ने बनाया बड़ा मुद्दा
मामला सामने आते ही कांग्रेस पार्टी ने इसे हाथों-हाथ लपक लिया है। दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस ने इस घटना की तीखी निंदा की है। कांग्रेस नेत्री तूलिका कर्मा व्यापारी के समर्थन में खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता लगातार क्षेत्र के लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
तूलिका कर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सत्ता के नशे में चूर हैं और आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संतोष गुप्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित व्यापारी को न्याय दिलाया जाए।
भाजपा की छवि को नुकसान?
इस पूरे मामले ने भाजपा की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। विपक्ष इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बता रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि इस मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो यह भाजपा के लिए आने वाले समय में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है। सवाल यह है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है या सत्ता में बैठे लोगों को विशेष छूट मिलती है। यदि पीड़ित व्यापारी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन जाएगा।
फिलहाल यह मामला मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
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